Ye Takht-E-Salib Per lyrics | ये तख़्त ए सलीब पर कौन लटक रहा
Ye Takht-E-Salib Per lyrics In Hindi ये तख़्त ए सलीब पर कौन है लटक रहाके जिसके सारे जिस्म से ख़ून है टपक रहा मिसाल बर्रा बे ज़ुबान ,वो मालिक ए दोनों जहानलटक रहा है नीम जानऔर सामने खड़ी है माँ है सरनगु है मगर ,सर पे ताज लटक रहाऔर इस तरफ इक बे सबरहजूम है … Read more